उदारीकरण से बहुत से सामाजिक परिवर्तन हुए. धौला जिसे लोग भोला मानते थे, बावला करार दे दिया गया. भोलापन मनुष्य के गुणों से अचानक हट गया. भोला को अपने नये स्टेटस से कुछ ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ा, पर बिन्दर ने तो उसका और जीना मुहाल कर डाला. बात यहाँ तक पहुँच गयी कि भोला किसी से कहने से नहीं चूकता, ” जिस दिन यह बिन्दर गाँव से निकल जाएगा या मर जायगा, उस दिन मुझे चैन मिलेगा.”
बिन्दर की शरारत में अपराध का रंग आना भी उदारीकरण की शै से हुआ. जिस दिन उसने अपने घिसे हुए एक जोड़ा पेंट-शर्ट और जूते पहने, समझो स्टेशन जाएगा, और गोलमाल करके १०-२० रुपये लेके आएगा.
एक दिन बिन्दर तैयार होकर निकला. पर लोगों को समझ में नहीं आया कि वह स्टेशन जाने की बजाय कैरवाल के जंगल की तरफ़ क्यों चला गया. कई दिन नहीं दिखाई दिया. भोला को थोड़ाचैन मिला. फिर एक दिन जब जंगल से गुजरते मुसाफिर को बिन्दर के पेंट-शर्ट और जूते एक झाड़ी में पड़े मिले तो पूरे गाँव में अफवाहों ने ज़ोर पकड़ लिया. किसी के अनुमान से बिंदर को जानवरों ने खा लिया था तो कोई कह रहा था किसी ने दुश्मनी में बिन्दर को मार के कहीं गाड़ दिया होगा.
एक दिन मैं गाँव गया तो धौला से पूछ ही लिया,” धौला यार, तेरे हिसाब से बिन्दर कहाँ गया.”
धौला तो जैसे पक्का जानता था, ” अरे चाचा, ये गाँव वाले तो पागल हैं, इनको कुछ नहीं पता. ना तो उसको जानवर ने खाया है और ना उसको किसी ने मारा है. हुआ यह है कि उसको नये पेंट-शर्ट और जूते हाथ लग गये. उसने पुराने वाले उतार के फैंके और नये पहन के दिल्ली चला गया. देख लेना एक दिन दिल्ल्ली में घूमता हुआ मिलेगा.”
उसके बाद मैं जब भी दिल्ली से गाँव गया, धौला कभी पूछे बिना नहीं रहता, ” चाचा, बिन्दर दिखाई दिया?”
मैं कहता, ” नहीं धौला.” तो उदास होकर बोलता, ” आप ना चाचा रास्ते में चलते हुए इधर उधर नज़र नहीं डालते, वरना ज़रूर मिल गया होता. बिन्दर और कहीं नहीं, दिल्ली में ही है.”

Advertisements

4 thoughts on “

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s