डायन

दादी ने कोमल हँसी के साथ कहा, ” तू तीस का हो गया रे, पर यह औरतों का घुटना पकड़ के बैठने की आदत नहीं गयी.”
फिर एक लंबी साँस लेकर बोली, ” तू खुद ही बता औरत कभी डायन हो सकती है ?”
” इसीलिए तो पूछ रहा हूँ. अब तो बहुत दिन से देखा नहीं. पर आज भी याद है भतरानी के लाल लाल दाँत, बड़ी बड़ी कालीघूरती आँखें. हमेशा आधा ढका चेहरा. औरतें बच्चों को अंदर खींच लेती थी, मर्द मुँह फेर लेते थे.”
दादी की हँसी अब खुश्क थी, ” आज भी वैसी ही है….. डायन. अच्छा तुझे मेरी कसम जब तक मैं और भतरानी नहीं मरते तू यह बात किसी को नहीं बताएगा.” दादी जानती थी मेरे पेट में कुआँ है, शुरू हो गयी, ” ६ महीने में रिछपाल मर गया. पीछे कोई था नहीं. एक दिन मेरे पास आकर गुस्से से रोने लगी- ” दादी जी, किसी ने मेरे साथ ऐसा वैसा किया ना तो कुआँ झोड़ देख लूँगी. जाई के यार रस्ता रोक के खड़े हो जावें हैं. आधी आधी रात को किवाड़ खड़कावें. अकेली हूँ तो क्या… या तो कोई मर्द बच्चा पंचायत के सामने हाथ पकड़े , नहीं तो….! खुद तो चला गया और इस पराई जाई को छोड़ गया भेड़ियाँ के बीच.”
मेरा जी पिघल गया बेटा. मैं बोली, ” भतरानी, हिम्मत है अकेली यह पहाड़ सी ज़िंदगी काटने की तो बता?” उसकी आवाज़ में लोहे की सी खनक थी, ” दो रोटी ख़ाके जी लूँगी दादी जी, पर पराए मर्द के सामने नहीं पसरूंगी, चाहे जान चली जाए.”
मैने कहा यह ले जा. तेरे दादा कत्था लाते थे चावडी बज़ार से अपने पान के लिए, और मेरे लिए खानदानी सुरमा.
सरती के कान में डाल दिया, ” सरती, रिछपाल अपनी मौत नहीं मरा, गर्दन पर दाँत के निशान थे. मुँह खुलवा के देख कभी इस रांड़ का. डायन है, डायन.” बस वो दिन था बेटे, किसी ने भतरानी की तरफ नज़र उठा कर नहीं देखा.फिर नम आँखों से कहने लगी, ” तेरे दादा मरते दिन तक पूछते रहे- ” रे भागवान सूरमे से बिनाई में फ़र्क है कुछ. मैं कहती बहुत फ़ायदा है जी. आख़िर दिन तक डालना पड़ेगा.”
मैं यह सुन कर बहुत दिन बेचैन रहा. सोचता था अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए एक औरत को उम्र भर डायन बन कर रहना पड सकता है?” आज रोज़ बलात्कार की खबरें देख कर लगता है बिल्कुल सही फ़ैसला था भतरानी का.
दादी बरसों पहले गुज़र गयी थी. पिछले साल भतरानी भी चली गयी. यह कहानी वरना आज भी मेरे पेट में ही होती.

Advertisements

One thought on “डायन

  1. वाह, बहुत खूब । कुछ लोगो से बचने के लिए सारी उम्र एक डायन की तरह उम्र गुजार दी।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s