गुडलक

छोटी आँखों वाले ने कहा,” हमें अब समझौता कर लेना चाहिए.”
” बेशक कर लीजिए, पर कोई फ़ायदा नहीं.”, लंबी नाक वाले का जवाब था.
टापू पर अब ये केवल दो लोग बचे थे. दो साल पहले कोई ८०० लोग यहाँ खुशियों भरा जीवन बिता रहे थे. हालात ऐसे बदले कि लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो गये. रोज़ हत्या, डकैती, आगज़नी की वारदातें होने लगी.
लंबी नाक वाले ने दार्शनिक अंदाज़ में कहा, ” इंसान अच्छा या बुरा नहीं होता है. धूप, हवा और रोशनी हो तो सब अच्छे होते हैं, पर अंधेरा, आँधी और सैलाब आते हैं तो सब बुरे हो जाते हैं. देखा नहीं, क्या हुआ हमारे इस खुशहाल टापू पर. दो साल में सब ने एक दूसरे की जान ले ली.”
” इसी लिए तो मैं कह रहा हूँ कि हमें अब समझौता कर लेना चाहिए, और जब तक ज़िंदगी है सुकून से जीना चाहिए.” छोटी आँखों वाले ने अपना मन्सब दोहराया.
” तुम कह रहे हो तो हम एक दूसरे की जान ना लेने का वायदा कर लेते हैं . पर यह वायदा जब तक चलेगा तब तक हालात इजाज़त देंगें, हम दोनों जानते हैं.”
” मगर यह भी तो सोचो कि हम में से जो एक बच गया उसके लिए जीवन कितना दूभर होगा.”
” सही कह रहे हो. चलो वायदा करते हैं, हम एक दूसरे की जान नहीं लेंगे.” लंबी नाक वाले के चेहरे पर चमक आ गयी.
और वह ज़रा रुक कर बोला, ” एंड आई विश यू गुडलक.”
छोटी आँखों वाला उसका मतलब समझने की कोशिश कर रहा था. कहने को हुआ ‘ई टू विश यू गुडलक’ पर रुक गया.
आगे क्या हुआ कुछ पता नहीं.

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