आराधना

‘ तुमने हमारी पहली रात एक बहुत ही तुच्छ सा सवाल किया था मुझ से…. ‘तुमने किसी से पहले प्यार किया है क्या?’ जवाब में मैने चुप्पी साध ली थी. एक बहुत लंबी चुप्पी. नौ साल लंबी हो गयी है मेरी खामोशी. आज जवाब देने का दिन आया है.’
बेखुदी में जया के कुछ आँसू गालों पर ही सूख गये थे, कुछ अभी भी बह रहे थे. उसने सबको समेटा और अपने आपको संयत किया.
‘आज तुम कह रहे हो तुम्हें किसी से प्यार हो गया है, और हमें अलग हो जाना चाहिए… तो सुनो! कोई था जो मुझ से बहुत प्यार करता था. मुझे उसके प्यार में कोई खोट नहीं दिखा पर फिर भी मैने अस्वीकार कर दिया था. तुम्हारा पुरुष का छिछला मन मेरे कारण को नहीं समझ पाएगा, इसीलिए मैने चुप्पी साध ली थी. पता नहीं मेरी चुप्पी का क्या मतलब निकाला होगा…’
‘नहीं मैने कभी तुम पर कोई शक़ …’ , अनिरूद्ध ने बीच में बात काट दी.
‘मैं नौ साल चुप रहीं हूँ… आज केवल मैं बोलूँगी.. प्लीज़’ , जया का लहज़ा सख़्त था.
‘ मैने उसका प्यार… उसका नाम भी आज याद आ गया है मुझे, पर तुम्हें नहीं बताऊंगी. मैं जानती हूँ तुम्हारी आख़िरी साँस तक वह नाम हथौड़े की तरह तुम्हारे दिमाग़ में बजेगा, इसलिए मेरी संवेदना मुझे इसकी इजाज़त नहीं देती है. दूसरे, उस नाम और उस व्यक्ति से ना मेरा आज कोई सरोकार है और ना ही कभी होगा.’ जया चुप हो गयी, शायद अपनी बात की तसदीक कर रह ही थी अपने मन में झाँक कर.
फिर स्थिर स्वर में बोली, ‘मैं एक स्त्री हूँ. मुझे नहीं पता था मेरा जीवन मुझे कहाँ ले जाएगा. इसलिए और केवल इसलिए मैं उसका या किसी का भी प्यार स्वीकार नहीं कर सकती थी. कोई बोझ अपने मन पर रख कर जीना स्वीकार नहीं था मुझे . सिर्फ़ इसलिए मैने उसका प्यार ठुकरा दिया था. तुम शायद यह बात भी नहीं समझोगे. पर अब कोई फ़र्क नहीं पड़ता अनिरूद्ध. …. मगर तुम एक बात अच्छे से सुनलो कि मैं अब बाकी जीवन उस प्रेम की आराधना करूँगी.’
अनिरूद्ध ने अचानक नज़र ऊपर उठाई.
‘नहीं चौंको मत… जो मेरे मन में पैदा हुआ था और जिसे मैने वहीं छोड़ दिया था, वह प्यार ना उसके लिए था ना तुम्हारे लिए. वह मेरे मन में उपजा मेरा प्यार था. प्यार एक आराधना है . और स्वयं ही आराध्य है. किसी की पूजा या किसी का प्रसाद नहीं है…. उस दिन वह गौण था आज तुम गौण हो गये.’
जया मुस्कुरा रही थी.

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s