मेरी मूर्खता अभेद्य है

निर्वस्त्र औरत चेहरा और बीच का बदन ब्लर करने के बाद भी बड़ी खबर होती है. टीवी स्क्रीन पर इधर से उधर भाग रही थी. टीवी पर आज आपको असुरों का राज लगता है तो सोशल मीडिया समझिये पिशाचों का साम्राज्य है. वहाँ ब्लर की ज़रुरत नहीं है.
विपक्ष ने कहा यह इस सरकार की औरत के प्रति घिनौनी मानसिकता का उदाहरण है. सरकार ने कहा सत्ता खोकर विपक्ष बौखला गया है और सरकार को बदनाम करने के लिये ऐसी निन्दनीय हरकतों पर उतर आया है. इतने आरोप प्रत्यारोप पढने को मिले कि लगा जैसे पूरे देश ने मिल कर एक औरत के कपडे़ उतारे हैं.
निर्वस्त्र भागती उस औरत का बदन मेरे जहन से नहीं निकल रहा था. चेहरा बदल जाता. मैं जिस औरत के बारे में सोचता यह नग्न देह उसी की बन जाती. मैं कई दिन बेचैन रहा. मुझे सपने में नंगी औरतों के झुन्ड भागते दिखाई देने लगे.
जेहानाबाद में कहीं यह घटना हुई थी. भगवान की कसम खाता हूँ एक हफ़्ते की छट्टी लेकर – कसम इसलिये खा रहा हूँ कि इस पूरी कहानी में केवल यही झूठ है – मैं जेहानाबाद पहुँचा. बहुत पूछताछ कि पर सब ने यही कहा कि यहाँ कभी ऐसी कोई घटना नहीं हुई.
मगर कोई औरत नग्नावस्था में बेतहाशा सड़क पर भागती फ़िरी है इसमें कोई सन्देह नहीं है. मैं जानता था.
तरंगों को बेधते हुए मैंने वायु में अपने दोनों हाथ ऊपर उठाये और चिल्ला कर बोला:
“तुम मुझे क्या मूर्ख बनाओगे हरामजादो ! मेरी मूर्खता अभेद्य है. सुनो, आज के बाद तुम मुझे कोई गौरव गाथा भी बताओगे तो मैं पहले थूकूंगा फ़िर ताली बजाऊँगा. और अगर तुम मुझे कोई कुकृत्य भी दिखाओगे तो पहले ताली बजाऊँगा और बाद में थूकूंगा. तुम मुझे क्या मूर्ख बनाओगे हरामजादो ! मेरी मूर्खता अभेद्य है.

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